मध्य प्रदेश

इंदौर में BRICS एग्रीकल्चर मीटिंग शुरू, फ़ूड सिक्योरिटी और किसान कल्याण पर होगा फ़ोकस

Kavita2
9 Jun 2026 1:10 PM IST
इंदौर में BRICS एग्रीकल्चर मीटिंग शुरू, फ़ूड सिक्योरिटी और किसान कल्याण पर होगा फ़ोकस
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : इंदौर में मंगलवार को BRICS सदस्य देशों की पांच दिन की एग्रीकल्चर मीटिंग का शुभारंभ हुआ। इस मीटिंग का उद्देश्य फ़ूड सिक्योरिटी, क्लाइमेट-फ़्रेंडली स्मार्ट एग्रीकल्चर, एग्रीकल्चरल ट्रेड और किसान कल्याण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना है। भारत इस साल BRICS की चेयरमैनशिप संभाल रहा है और मीटिंग के आयोजन में इसका नेतृत्व प्रमुख रहा।

BRICS एग्रीकल्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक 11 जून तक जारी रहेगी, जिसमें सदस्य देशों के अधिकारी शामिल होकर कृषि से जुड़े विविध विषयों पर विचार करेंगे। इस मीटिंग में खेती के तरीकों में तकनीकी नवाचार, टिकाऊ खेती और खाद्य उत्पादन की सुरक्षा को लेकर रणनीतियों पर चर्चा होगी।

भारत के एग्रीकल्चर और किसान कल्याण विभाग के सेक्रेटरी आतिश चंद्रा ने मीटिंग के पहले सेशन की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि इस मीटिंग का उद्देश्य सिर्फ जानकारी साझा करना नहीं है, बल्कि सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और किसानों के कल्याण के लिए सामूहिक प्रयास करना भी है। उन्होंने कहा कि क्लाइमेट-फ़्रेंडली स्मार्ट एग्रीकल्चर को अपनाना किसानों की आय बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए अहम है।

मीटिंग में विभिन्न देशों के अधिकारी अपने-अपने अनुभव साझा करेंगे और तकनीकी सहयोग, कृषि उत्पादों का व्यापार और किसानों के लिए नई नीतियों पर विचार-विमर्श करेंगे। मीटिंग के दौरान स्मार्ट एग्रीकल्चर तकनीक, डिजिटल फार्मिंग और टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इसके अलावा, मीटिंग के अगले चरण में 12 और 13 जून को BRICS के कृषि मंत्री एकत्र होंगे। मंत्री स्तर की यह बैठक नीति निर्धारण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन बैठकों में सदस्य देशों के कृषि मंत्री अपने-अपने देशों में किसानों की समस्याओं, उत्पादन की चुनौतियों और खाद्य सुरक्षा के उपायों पर चर्चा करेंगे।

BRICS मीटिंग का यह आयोजन भारत के लिए एक अवसर है कि वह वैश्विक स्तर पर कृषि नीति, टिकाऊ खेती और किसान कल्याण में नेतृत्व भूमिका निभा सके। भारत की अध्यक्षता में हो रही यह बैठक सदस्य देशों को सहयोग और नवाचार के लिए मंच उपलब्ध कराती है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मीटिंग में कृषि निर्यात, खाद्य सुरक्षा नेटवर्क, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और किसान कल्याण योजनाओं पर चर्चा प्रमुख एजेंडा होंगे। इन मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने से सदस्य देशों में कृषि विकास और किसान सुरक्षा में सहयोग बढ़ेगा।

मीटिंग में भारत ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि स्मार्ट एग्रीकल्चर तकनीकों और डिजिटल खेती के उपकरणों को BRICS देशों के किसानों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ कृषि व्यापार को भी मजबूत किया जा सकेगा।

इस पांच दिन की BRICS मीटिंग में भाग लेने वाले अधिकारी और मंत्री भारत में किसानों की स्थिति और वैश्विक कृषि विकास पर विचार-विमर्श करेंगे। भारत की अध्यक्षता में यह आयोजन सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को साझा करने का एक अहम प्लेटफ़ॉर्म साबित होगा।

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